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Bhoot Story Bhoot Pret Ki Kahani Hindi [Top 3] भूत की कहानी [2020]

Bhoot Story Bhoot Pret Ki Kahani Hindi भूत की कहानी अगर आपको भूत की कहानी पड़ने में अच्छा लगता है तो इस पोस्ट में आपको 3 भूत की कहानी बताने वाला हूं जोकि बहुत जबरदस्त Bhoot Story हैं तो चलिए जानते हैं ख़तरनाक भूतों की कहानियां

Bhoot Story भूत की कहानी अक्सर हम सब बचपन में सुना करते थे चलिए आज पढ़कर में Enjoy करते हैं 

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दोस्त जैसलमेर शहर से 15 किलोमीटर दूरी पर एक ऐसा गांव है जिसमें अब कोई रहना नहीं चाहता.
बहुत सारे लोग कहते हैं उस गांव में भूतों और आत्माओं का डेरा है.

और कहा तो यह भी जाता है कि उस गांव में फैली दहशत के पीछे जो कहानी है वह उससे भी ज्यादा भयानक और खतरनाक है.
जिसकी बुरी नजर की वजह से जो भी उस गांव में आता है वह उस गांव में आकर मौत का शिकार बन जाता है.

यूं तो हम सभी ने कभी ना कभी भूत-प्रेत डायन से जुड़ी कहानियों को पढ़ा या सुना होगा.
और हो सकता है कुछ लोगों ने ऐसी भूत प्रेत और डायन का सामना भी किया हो

लेकिन जो कहानी हम यहां आपको बताने जा रहे हैं वह थोड़ी अविश्वस्नीय जरूर है लेकिन स्थानीय लोगों के लिए वह एक
बेहद खौफनाक सच है जिसका सामना उन्हें अकसर या कहें शायद रोज ही करना पड़ता है.

मरने के बाद भी जिन्दा है वो कुलधरा, जैसलमेर से 15 किलोमीटर दूरी पर
स्थित एक गांव अपनी दहशत के लिए आसपास कुख्यात बन गया है.

आपको यह बात तो पता ही होगी कि जिन स्थानों को पारलौकिक ताकते अपने कब्जे में ले लेती हैं
उन स्थानों पर बसने वाले लोग या तो स्वयं उस स्थान को छोड़ कर चले जाते हैं
और अगर नहीं जाते तो उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है.

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और कुलधरा भी ऐसा ही एक गांव है जहां पहले ब्राह्मण समुदाय का वास था.
ऐसा माना जाता है कि सन 1825 में इस गांव में रहने वाले पालीवाल ब्राह्मण और
आसपास के 84 गांवों के लोग रातोंरात अपना घर छोड़कर चले गए थे.

सन 1300 से इस गांव में पालीवाल ब्राह्मण की पीढ़ियां रहा करती थी
और रक्षाबंधन के एक दिन सभी इस गांव को छोड़कर चले गए.

ऐसा माना जाता है इस दिन कुछ ऐसा दर्दनाक कहानी घटा था जिसके बाद
आज तक भी बहुत से पालीवाल ब्राह्मण रक्षाबंधन का त्यौहार नहीं मनाते.

मौत से छीनकर अपनी जिंदगी दुबारा वापस लाई बड़े पैमाने पर हुए
इस पलायन के पीछे की कहानी कुछ यह कहती है.

जैसलमेर के दीवान सलीम सिंह को कुलधरा समेत 84 गांवों के मुखिया की खूबसूरत बेटी से प्यार हो गया था.
सलीम सिंह ने गांव के लोगों को यह धमकी दी थी कि अगर उसका विवाह उस लड़की के साथ ना हुआ
तो वह करों में और ज्यादा वृद्धि कर देगा.

ऐसे हालातों में गांव के मुखिया ने उस स्थान को छोड़कर जाने का निश्चय कर लिया और अपने पीछे यह श्राप छोड़ गए कि
जो भी उनके जाने के बाद इस गांव में रहेगा या बसने की कोशिश करेगा वह अपनी जान से हाथ धो देगा.

मुखिया और उसकी के जाने के बाद गांव के बहुत से लोग धीरे-धीरे कर के
बीमार पड़ने लगे या फिर अकारण ही मृत्यु के ग्रास बनते गए.

इस घटना के बाद कुलधरा और आसपास के 84 गांव के लोगों ने अपना-अपना घर छोड़ दिया
और तब से लेकर अब तक कोई भी उस गांव में बसने की हिम्मत नहीं जुटा पाया है.

अब जानते हैं दूसरा ख़तरनाक कहानी अस्पताल के भूत की कहानी

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दोस्त सिंगापुर के एक छोटे से गांव चंगी के पास स्थित एक अस्पताल जिसे चंगी अस्पताल के नाम से जाना जाता है, ओर ये ऐसा ही एक स्थान है
जहां भूत-प्रेतों का वास था. इस अस्पताल में जितने भी लोगों की जानें गईं आज वो एक आत्मा बनके यहां आने वाले
हर इंसान को अपने पास ना आने की चेतावनी के तौर पर उन्हें डराती हैं.

अस्पताल से कब्रगाह बने चंगी अस्पताल का इतिहास कुछ ऐसा है इस अस्पताल का निर्माण वर्ष 1930 में सैनिकों के इलाज के उद्देश्य से करवाया गया था.
उस समय यह मिलिट्री अस्पताल हुआ करता था और द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इस पर जापान का कब्जा हो गया था.

उस समय हजारों की संख्या में जापान के घायल सैनिक इस अस्पताल में लाए गए थे. लेकिन उस समय
मेडिकल सुविधाएं कुछ खास उपलब्ध नहीं होती थीं इसीलिए जितने सैनिक यहां भर्ती हुए थे
उनमें से ज्यादातर की मौत हो गई थी.

अस्पताल में हो रही इन्हीं मौतों के कारण एक भयानक बीमारी ने अस्पताल के सभी लोगों को अपनी चपेट में ले लिया था.
इस बीमारी की चपेट में आने के बाद कई नर्सों और चिकित्सकों की मौत हो गई थी
और कहते हैं आज उन्हीं की

आत्माएं इस अस्पताल में भटकती रहती हैं.

स्थानीय लोगों के अनुसार यह जगह मनहूस है और मृत आत्माओं की ताकतों को यहां बहुत आसानी से महसूस किया जा सकता है.
अस्पताल में एक नर्स के साये को अकसर देखा जाता है. कहते हैं एक जवान का इलाज करते समय उस नर्स से कुछ गलती हो गई थी
जिसकी वजह से जवान के परिजनों ने उस लड़की को खूब पीटा

और उस समय वो नर्स गर्भवती थी तथा बुरी तरह जख्मी हो जाने के कारण

वो नर्स वहीं तड़प-तड़प कर मर गई
और वह उसी गर्भवती अवस्था में

अस्पताल के चक्कर काटती है और रात के समय हर आने-जाने वाले को दिखाई देती है.

कहते हैं इस अस्पताल के चारों ओर रूहों का जाल बिछा है,

यह जाल इतना मजबूत है कि इसे पार कर पाना वाकई मुश्किल है.

चौकीदार से लेकर स्टाफ तक वहां हर आत्माएं
अपना वही पुराना रोल निभा रही हैं जो वह जिंदा होने पर निभाते थे.

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डेथ वैली के नाम से बहुत कम लोग परिचित होंगे क्योंकि अभी इसके बारे में सिर्फ दबी जुबान से ही चर्चाएं होती रहीं
लेकिन अब इस वैली का सच शायद बाहर आ रहा है क्योंकि अभी तक ‘नासा’ जो इस वैली और यहां मौजूद पत्थरों की
पहेली को सुलझाने की बात कर रहा था वह भी अब अपने हाथ खड़े कर चुका है

क्योंकि उसे भी यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर 700 पाउंड का पत्थर एक स्थान से दूसरे स्थान तक
कैसे जा सकता है जबकि वहां किसी और के होने का कोई सबूत नहीं है

और ना ही वहां कुछ ऐसा है जो इतने भारी पत्थर को हिला पाने तक में सक्षम हो. कैलिफोर्निया (अमेरिका) स्थित डेथ वैली के तैरते पत्थरों की
कहानी लोग सदियों से कहते-सुनते आ रहे हैं लेकिन इन कहानियों पर किसी ने कभी यकीन नहीं किया.

लोगों का कहना है कि इस वैली में स्थित पत्थर यहां तैरते हैं,
वह अपने आप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचते हैं क्योंकि

इस वैली के भीतर कोई जादुई शक्ति है.

लेकिन चमत्कार की अवधारणा को सिरे से नकारने वाला विज्ञान एक बार फिर इस जगह के चमत्कारी होने जैसी बातों को मनगढंत मान रहा है.
एक थ्योरी के तहत प्लेनेटरी साइंटिस्ट प्रोफेसर रॉल्फ लॉरेंज ने यह समझाने का प्रयास किया है
कि किस तरह यह पत्थर एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचते हैं.

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प्रोफेसर रॉल्फ का कहना है कि सर्दियों के मौसम में इस वैली के पत्थरों पर बर्फ जम जाती है और
जब सर्दियों का मौसम जाते ही इन पत्थरों के ऊपर कीचड़ जम जाता है तो बर्फ छिप जाती है

और बर्फ के आवरण से जमी चट्टानों को इस स्थान पर बहने वाली तेज हवा आगे की ओर धकेल देती है और देखने वाले को
यह लगता है कि रेत में यह भारी भरकम पत्थर खुद तैरते हुए आगे बढ़ गए हैं,

जबकि सच कुछ और ही है. प्रोफेसर रॉल्फ का कहना है कि जब किसी चट्टान के ऊपर बर्फ की चादर चढ़ जाती है
तो उस चट्टान में मौजूद तरल पदार्थों का स्तर बदलते तापमान के साथ-साथ बदलता रहता है

और चट्टान आगे पीछे होने लगती है जिससे यह अभास होता है कि यह चट्टान रेत में तैर रही है. आपको यकीन नहीं होगा कि
इस थ्योरी से पहले लोग इस चट्टान के बारे में बहुत कुछ बोलते थे. कोई कहता था कि इन चट्टानों में जादुई शक्तियां हैं तो
कोई इस स्थान को एलियन या तंत्र-मंत्र से श्रापित मानता था.

अब आपको हो सकता है इस बात पर हंसी आए लेकिन लोग इस स्थान पर मौजूद पत्थरों को
अपने घर भी ले गए थे क्योंकि वह इन्हें चमत्कारी मानते थे.

प्रोफेसर रॉल्फ के इस स्थान के रहस्य को साफ कर देने के बाद भी लोग
इस स्थान पर एलियन और तंत्र विद्या की मौजूदगी को सही मानते हैं.

ये था 3 कहानी जो आपको कैसा लगा नीचे कॉमेंट कर अपनी राय दे सकते हैं

2 thoughts on “Bhoot Story Bhoot Pret Ki Kahani Hindi [Top 3] भूत की कहानी [2020]”

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